आग के हादसों पर अब दिखे गंभीरता

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Industrial Area Fire

राजएक्सप्रेस, भोपाल। Industrial Area Fire: औद्योगिक इकाइयों में अकसर आग लगने की घटनाएं होती हैं और लोगों के मारे जाने की सबसे बड़ी वजह अग्निशमन का पर्याप्त इंतजाम नहीं होना है। बिजली के तार सुरक्षित तरीके से लगाने और कर्मचारियों की सुरक्षा आदि की सख्त जरूरत की अनदेखी आम है।

हाल के दिनों में कुछ कारखानों में लगी आग और उसमें लोगों की मौत की कई घटनाएं हुईं। हर बार जांच के बाद यही कारण सामने आया कि ये घटनाएं हादसे से ज्यादा लापरवाही का नतीजा हैं। एक तरह के हालात में हुई दुर्घटना आसपास उन्हीं स्थितियों में काम करने या रहने वाले लोगों के लिए सबक होना चाहिए, लेकिन शायद ही कभी आग लगने की पहले की घटनाओं के कारणों और उसमें होने वाले जान-माल के नुकसान पर गौर किया जाता है। यह बेवजह नहीं है कि कुछ दिन बाद ठीक उसी तरह का कोई हादसा हो जाता है और लोगों की जान नाहक चली जाती है। दिल्ली के नोएडा इलाके में बर्तन बनाने वाली एक फैट्री में ऐसी ही लापरवाही के चलते तीन दिन पहले आग लग गई और गुरुवार को मुंबई के कई इलाकों से आग की खबरें आईं। दिल्ली की घटना में दो मजदूरों की मौत हो गई, जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। वहीं मुंबई में दर्जनों लोग अस्पताल में भर्ती हैं। दोनों ही जगह प्राथमिक जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट बताई गई है।

हैरानी की बात है कि दिल्ली की फैट्री में जहां आग से निपटने का कोई इंतजाम नहीं था, वहीं ऐसे हालात में जान बचाने के लिए सुरक्षित निकलने का कोई वैकल्पिक रास्ता भी नहीं बना था। आपराधिक लापरवाही का अंदाजा इससे भी लगाया जा सकता है कि एकमात्र विकल्प के रूप में जो मुख्य दरवाजा है, वह बाहर बंद कर दिया गया था और अंदर कई मजदूर काम कर रहे थे। सवाल है कि आग लगने की स्थिति में सुरक्षा-व्यवस्था में पहले ही व्यापक कोताही बरतने के बाद आखिर किस वजह से फैक्ट्री का दरवाजा बाहर से बंद किया गया था। जबकि यह सामान्य समझ का मामला है कि अचानक हुए किसी भी हादसे की स्थिति में भीतर मौजूद लोगों के सुरक्षित बाहर निकलने के लिए दरवाजे आसानी से खुलने के इंतजाम होने चाहिए। अगर लोग भीतर काम कर रहे हैं तो किसी भी हालत में दरवाजा बाहर से बंद नहीं होना चाहिए।

ऐसे मामले कई बार सामने आए, जिनमें आग लगने के बाद जब लोगों ने बचने के लिए बाहर भागने की कोशिश की तो दरवाजा बाहर से बंद था या निकलने के रास्ते बाधित थे। सिर्फ इस कारण से कई बड़ी दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें चर्चित उपहार हादसा भी था, जिसमें 59 लोग मारे गए थे। औद्योगिक इकाइयों में असर आग लगने की घटनाएं होती हैं और उनमें लोगों के मारे जाने की सबसे बड़ी वजह अग्निशमन का पर्याप्त इंतजाम नहीं होना है। यह भी छिपा नहीं है कि, हर तरफ नजर रखने का दावा करने वाली पुलिस और अन्य संबंधित महकमों के कर्मचारी किस स्तर की लापरवाही बरतते हैं। जबकि गैरकानूनी तरीके से चलने वाली तमाम औद्योगिक इकाइयां आग से सुरक्षा उपायों के प्रमाण-पत्र के बिना चल रही होती हैं। जब तक इन कारखानों पर नजर रखने वाले महकमों की जवाबदेही तय नहीं होगी, ऐसे हादसों पर काबू पाना मुश्किल बना रहेगा।

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